मनुष्य ने समय को जानकर सभ्यता की दिशा में एक बहुत बाद कदम उठा लिया ,पर समय को उसने नहीं पहचाना ।
Thursday, 14 May 2020
समय को पहचानो part--1।
मनुष्य ने समय को का परखा है? इस तिथि का किसी इतिहास में उल्लेख नहीं है । केवल अनुमान मात्र लगाया जा सकत है । जब मनुष्य ने देखा होगा कि सूर्य निकलने पर चारो तरफ उजला फैलता है ,प्रकाश होता है , तो उसने इसे दिन माना और सूर्य डूब जाने के समय रात को माना । इस प्रकार समय का दिन और रात में विभाजन किया । फिर अंको के आविष्कार के साथ- साथ उसने समय की गड़न शुरू किया । पहले वह दीवारों पर लकीरें खींचकर गणना करता था । इस प्रकार समय को नापना शुरू कर दिया । फिर आगे चलकर उसने दिन , सप्ताह और वर्ष बनाएं कैलेंडर बनाया ।प्रथ्वी पर सूर्य का ज्ञान प्राप्त किया। उसने घूमने के क्रिया के ज्ञान के साथ साथ सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जानने लगा । किस दिन ,कब सूर्योदय, सूर्यास्त होगा , इसका ज्ञान प्राप्त करने लगा । समय का ज्ञान हो गया मानुष को।इस ज्ञान के द्वारा प्त्येक चराचर की आयु निर्धारण करने में सफल हो गया ।
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