Wednesday, 29 April 2020

शहडोल मप


शहडोल सोमवार को शहडोल में कोरोना पॉजीटिव दो मरीजों के मिलने के बाद आज बुधवार को तीसरे कोरोना पॉजीटिव मिलने की पुष्टि, जिला प्रशासन द्वारा की गई है, हांलाकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी चौधरी ने इस संदंर्भ में सिर्फ तीसरे कोरोना मरीज के होने की पुष्टि भर की है।
मरीज अभी कहा है, उसका सैंपल कब लिया गया था, उसके ईलाज और उसके संपर्कियों के संबंध में जिला प्रशासन क्या कर रहा है, यह जानकारी अभी प्रतिक्षित है। सिर्फ अभी यह जानकारी सामने आई है, कि कोरोना पॉजीटिव 60 साल की महिला कुबरिया कोल पति शिवलाल कोल है और वह पपौन्ध थाना क्षेत्र के ओदारी की है।इस सदंर्भ में यह भी जानकारी सामने आई है कि महिला बीते दिनों सागर से शहडोल आई थी, 26 अपै्रल को उसका सैंपल भी लिया गया था, पुराने मामले की तरह ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अमले की लापरवाही भी इस मामले में भी खुलकर सामने आई, महिला का सैंपल लेने के बाद उसे क्वारंटीन या आईसोलेट करवाने की जगह, उसे होम क्वारंटीन की सलाह देकर, जाने दिया गया था। आज जब महिला की कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट आई तो, प्रशासन हरकत में आया, खबर यह भी है कि प्रशासन ने उसके सेलफोन पर जब कॉल किया तो, चर्चा नही हो पाई, इसके बाद पुलिस की टीम महिला के पते पर पहुंची, यह भी जानकारी आई है कि महिला घर पर ही टीम को मिली है, जिसके बाद महिला को मेडिकल कॉलेज लाया जाना है।

यह हुआ था इससे पहले
28 अप्रैल को डियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार शहडोल संभाग के शहडोल जिले के निवासी 15 वर्षीय किशोरी मोनिका बैगा और 26 वर्षीय भरत ङ्क्षसह के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि आईसीएमआर द्वारा शाम 5 बजे जारी रिपोर्ट में की गई थी। इस टेस्ट रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया थी कि दोनो के सैंपल 23 अपै्रल को कलेक्ट किये गये थे, जिन्हे 25 अपै्रल 10 बजे यहां भेजे गये थे। मोनिका बैगा और भरत ङ्क्षसह के साथ दो और सैंपल भेजे गये थे। इन दोनो की रिपोर्ट निगवेटिव आई है, जबकि मोनिका और भरत की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
रिपोर्ट से पहले दिया छोड
शनिवार की शाम को रिपोर्ट जारी होने से पहले ही दोनो को क्वारंटीन सेंटरो में रखने के बाद छोड दिया गया था, इन दोनो कों मेडिकल कॉलेज में ला कर उपचार करने की खबर थी।
जिले में लॉक डाउन वन व टू के लगभग 1 माह से अधिक का समय बीतने के बाद गोहपारू पर क्वारंटाइन किये गये दो श्रमिकों की जांच क बाद उनकी रिपोर्ट पॉजीटिव बताई गई थी। कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. चौधरी ने दूरभाष पर की गई चर्चा पर इसकी पुष्टि भी की थी।
अन्यत्र से मजदूर लाना पड़ा महंगा
शिवराज सरकार द्वारा प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की कवायत महंगी पड़ती नजर आ रही है। इस कवायत ने शहडोल कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक व आमजनता की लॉक डाउन की पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। जिन दो मजदूरों को कोरोना पॉजीटिव पाया गया है, उसमें एक मजदूर महाराष्ट्र के अहमद नगर से यहां लाया गया था, वहीं दूसरे मजदूर को विदिशा से लाने की खबर है। हालाकि अधिकारिक तौर पर अभी इसकी प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं हुई है, यह बात भी सामने आई है कि दोनों मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर से छुट्टी होने के बाद यह रिपोर्ट आई है।
चिकित्सकों को सौपी जिम्मेदारी
खबर यह भी है कि दोनों को क्वारंटाइन सेंटर से छुट्टी दे दी गई थी, बाद में रिपोर्ट पॉजीटिव आने के कारण रिपोर्ट ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है, हालाकि यह खबर आने के बाद कलेक्टर स्वास्थ्य अमले को लेकर खुद क्षेत्र के लिए रवाना हो गये ।

एक पण्डित

 एक गांव एक पंडित व्यति राहत था औरको

उसके दो बेटे थे  एक का नाम बंटी व छोटे का नाम
शक्ति था बस नाम भर का ही शक्ति (सरल) और उसे कुछ कम नहीं आता था |
शक्ति घर मे सब लोगो का खाना अकेले ही खा जाता था  उसके घर वाले बहुत परेशान रहा करते थे l

दूसरे दिन रिलीटव के यह शादी हो रहा था वहां अच्छा अच्छा पकवान बाना हुआ था शक्ति भोजन खाना सुरु किया तो 20 लोगो का खाना अकेले ही गया बोल रहा दाने दाने खाने